Breaking 
सप्तरीमा करेन्ट लागेर एक किसानको मृत्यु | सर्लाहीको बलरामा चक्कु प्रहारको घटना, ३ जना घाइते | मोडेल कलेजले पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालयबाट पायो बीआइटी सञ्चालनका लागि सम्बन्धन | आणविक बमकेँ दंश झेलएबला एक मात्र देश ‘जापान’ | बंगलादेशको अन्तरिम सरकारद्वारा फेब्रुअरी २०२६मा राष्ट्रिय चुनाव गर्ने घोषणा | बिहिबार सुनको मूल्य स्थिर | सिन्धुलीमा युवकको मिर्गौला निकालिएको घटनामा एकजना पक्राउ | धनुषाको दुहवीमा सशस्त्र प्रहरी र तस्करबीच झडप, चार राउन्ड हवाई फायर | भारतीय विदेश सचिव भदौ १ मा काठमाडौं आउँदै | घानामा सैन्य हेलिकप्टर दुर्घटना हुँदा २ मन्त्रीसहित ८ जनाको मृत्यु |

साहित्य

मैथिली कविताः नै जानि किए ?

सुतल निन्दसँ हमरा नै जानि किए उठबैत छल पड़ल देख हमरा नै जानि किए नोर बहबैत छल ।। भिर लागल एहि कोणसँ ओहि कोण तक […]

मैथिली लघुकथा – चुटकुला

♦ रोशन जनकपुरी “आदमी त सोझ, इमान्दार आ कर्तव्यनिष्ठ छै सर १ आई तक कोनो आरोप नइँ लागल छलै । पता नइँ केना फँइस गेलै बेचारा […]

मैथिली कथाः अन्तिम पत्र

हम नहि बुझैत छी, अपनेकेँ आ हमराबीच मर्यादाक कोनो छाँह अछि । एहिद्वारे पुछैत छी अपनेसँ, ‘ई नाटक आएल कतएसँ ? ओहे अनपढ़ गबार देहातीक […]

मैथिली लघुकथा – नोरक व्यथा

    ♦ प्रा. डा. सुरेन्द्र लाभ   आँखिमे ढ़बढ़बाएल नोर टघैर गेलैक ………….. ।  दहिन आँखिक टघरैत नोर बाम आँखिक टघरैत नोर सँ पुछलकै – ‘गे […]

मैथिली कविता – चौबनिया मुस्कि मुस्कियाकऽ

♦ राजेश महतो चौबनिया मुस्कि मुस्कियाकऽ दिलके चिर देलियै अहाँ अइ करेजाकेँ करेजा बनी बड पीड़ देलियै अहाँ हम ठीक छली ओहने नुन रोटीए खाइबला रङ […]

मैथिली गीत – सुनु हे सखिया …

♦ डा. विजय दत्त सुनु हे सखिया मोहि लेलक मनमोहना – २ सुनु हे सखिया …. कारे कारे नयना बा श्यामल वदनमा तिरछी नजर मारे लोचन […]

जनकपुरधामः मिथिलाक शान

♦ राजन दास जनकपुरधाम मिथिलाक सांस्कृतिक, धार्मिक आ ऐतिहासिक केन्द्र अछि । ई नगरी मात्र नेपालक शान नहि, अपितु सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीपक गहना अछि । […]

मैथिली कविता – मनताेरियाक विहान

♦ पूनम झा “मैथिली” कचरल सन जीनगी थकुचल छै मन पसिझल घवाह गत्र सत्ते खाेरनाठ सन । नुआं में चिप्पी बिन आंगी बदन कुहरैत हुकरैत सुन्नहट […]

मैथिली कथाः संसारक रीत

….की हमर बेटी हमरे पद चिन्ह पर चलत, हृदयसँ नोरक बादलसन उठल ….नोर आँखिसँ बहएकेँ लेल शुरुए कएने छल की नर्स बेटीकेँ हमरा बगलमे सुता […]

मैथिली कविताः दूआखर के प्रेम कि पेलौँ, ताहि मे संसार गमेलौँ

नै निक लगै छल ककरो बोल, जखन सब कहै छल ओकरा छोर ।। तैयो आन्हर बैन कऽ डेग बढेलौँ दु आखर के प्रेम कि पेलौँ, […]

मैथिली कविता – काश हम नारी रहितहुँ

♦ राकेश कुमार झा ‘रसिक’ नरके वसमे करवाकहेतु श्रृंगार करितहु । प्रेमक आकुलता ह्दयमे छुपौने रहितहु । मंद मृदु मुस्कान सदिखन छिटतहु । पत्नीवनिक सुख […]

एकटा कबितांश डा. धीरेन्द्रकेँ श्रद्धान्जलि स्वरुप

♦ अयोध्यानाथ चौधरी प्रियवर ! अहाँक ‘हैंगरमे टांगल कोट’ ओहिना अछि खाली गर्दाक एकटा मोट परत निश्चय जमि गेल छैक सर्बत्र ओकरा उतारि क’ झाड़बाक साहस […]