♦ सुजीत कुमार झा छुट्टीक दिन, हम आ हमर कनियाँ दुनूक लेल अलग–अलग मतलब लऽ कऽ अबैत अछि । दुनू अपन–अपन कारणसँ छुट्टीकेँ प्रतीक्षा करैत रहैत […]
ई.विनोद चन्द्र ‘हम साइन्स लक आइ.एस्सी.(अखनका प्लस टू)पढब । ’,पुत्रक प्रश्न छलै । ‘हमरा पासमे पाइ नहि अछि। शिक्षक तालिम लऽ लीअ आ अपनो शिक्षकके […]
♦ प्रा.डा. सुरेन्द्र लाभ ज्ंगलके राजा अपन मन्त्रीसब स्ंगे पार्टी मना रहल छल ।एकटा बेचारा गदहा आबि निवेदन चढौलकै –´राजा साहेबके जय हो।अपनेक […]
♦ कर्ण संजय सॉझ झलफला रहल छैक । डीहवारस्थान मे संझादीप जराब’ गेल स्त्रीगणसब सेहो लौट रहल छथि । मन्दिरपर जोर जोर सँ घडी–घण्टके तेज ध्वनि […]
सुजीतकुमार झा जनकपुरधाम । मिथिलाञ्चलको महापर्व छठको अवसरमा जनकपुरधामको प्रमुख सरोवरहरुमा आज विहानैदेखि भीड लागेको छ । चार दिवसीय छठको पहिलो दिन नहाई खाई, दोस्रो […]
सुजीत कुमार झा विवाह उपनयन वा मुड़न किनको होइत छल तँ शारदा सिन्हाक गीत लाउडीस्पीकरमे बजए लगैत अछि । मुड़नक बात तँ स्मरण नहि अछि […]
⇔ सुजीत कुमार झा । कनिदिन पहिने भिट्ठामोड सीमापर गेल छलहुँ । सीमापर लिखएकेँ अर्थ भारत दिसक चौकपर । दीपावलीक एक दिनक बाद रहैक । भिट्ठामोडक […]
⇔ सुजीतकुमार झा । भाइबहिनक पबित्र पावनिसभमे भरदुतियाक अग्रस्थान रहल अछि । भरदुतिया कातिक मासक शुक्ल पक्षक द्वितीया तिथि कऽ मनाओल जाइत अछि । भरदुतिया पावनि […]
सुजीतकुमार झा । चित्रगुप्त हिन्दू देवताका रूपमा पुज्य रहेका छन् । यमपञ्चकको अन्तिम दिन (भाइटीका)मा भगवान् चित्रगुप्तको विशेष पूजाआराधना गर्छन् । सृष्टिकर्ता ब्रह्माले सृष्टिको रचना […]
♦ डा. सुरेन्द्र लाभ बसबारि दिस चील कौवा के उडैत देखि बिश्रामपुरबालीक करेज फेर धड़धड़ाए लगलै। अपन घरक असोरापर परल परल टुकुर टुकुर देखैत रहल । […]
♦ सुजीत कुमार झा साँझमे अपन घरक छतपर किछु ढेपा जमा कऽ राखि लेने छलहुँ । किरण निकलएसँ पहिने काल्हि जहिना हमर घरपर फुल तोड़ए आओत […]
♦ आनन्द मोहन झा १. सभ मुश्किल आसान हेतैक जौं करतबकेँ ज्ञान हेतैक बूझत सेवाकेर जे पैघ से असली संतान हेतैक हौं हौं कयलासँ किछु भेल […]