

♦ डा. विजय दत्त
सुनु हे सखिया
मोहि लेलक मनमोहना – २
सुनु हे सखिया ….
कारे कारे नयना बा
श्यामल वदनमा
तिरछी नजर मारे
लोचन मगनमा
खुशी हो सखिया ….
मोही लेलक मदनमा
सुनु हे …
पहुना के बोली बा
रस कुसियर बा
जैसन लागत बाटे
लाले मोहन बा ।
देखु हे सखिया
मोरिया के कमलबा
सुनु हे …
मोरी बहिनियां बा
सरिसों के फुलबा
तिसिया के रंगमें
रंगाएल अछि वर बा ।
निहारु सखिया
बनल जोडवा अजगुतबा
सुनु हे सखिया …
अरछी परछी रानी
लएली अंगनमा
मैया सुनयना के
नोर बा नयनमा ।
सुनु हे सखिया
भेल नगरी मगनमा …
(लेखक मधेशी आयोगक अध्यक्ष छथि )
