

♦ राजन दास
जनकपुरधाम मिथिलाक सांस्कृतिक, धार्मिक आ ऐतिहासिक केन्द्र अछि । ई नगरी मात्र नेपालक शान नहि, अपितु सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीपक गहना अछि । जनकपुरधामकेँ मिथिला सभ्यताक पवित्र नगरी मानल जाइत अछि, जतए राजा जनकक राजदरबार रहल आ देवी सीताक जन्म भेल । ई स्थान प्राचीन सभ्यता, संस्कृति आ धार्मिक परम्पराक प्रतीक अछि ।
१. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जनकपुरधामक इतिहास हजारों वर्ष पुरान अछि । ई स्थान त्रेता युगमे मिथिलाक राजधानी रहल छल । राजा जनक, जे विदेह वंशसँ सम्बद्ध छलाह, एकर शासक रहथि । जनकपुरधाम कए धर्म, ज्ञान आ तपस्याक भूमि मानल जाएत अछि ।
राजा जनक नहि मात्र विद्वान आ तपस्वी शासक छलाह, बल्कि हिनक शासनकालमे मिथिला विद्या आ सभ्यताक उत्कृष्ट केन्द्र बनल । ओहि समयमे, मिथिलाक शास्त्रीय परम्परा (यथा न्याय शास्त्र, वेदक अध्ययन) अपन उच्चतम अवस्थापर छल । एहिठामक जनक वंश मात्र नेपाल मे नहि, भारत आ अन्य पड़ोसी क्षेत्र सभमे सेहो मानल जाइत छल ।
२. धार्मिक महत्व
जनकपुरधाम हिन्दू धर्ममे विशेष स्थान रखैत अछि । रामायण, हिन्दू धर्मक एकटा प्रमुख ग्रन्थ, एहि ठामसँ सीधा जुड़ल अछि । राजा जनकक पौड़ीसँ देवी सीताक जन्म भेल । ई नगरी भगवान राम आ माता सीताक पवित्र मिलनक स्थल सेहो अछि । जानकी मन्दिर, ई नगरीक प्रमुख आकर्षण, मात्र धार्मिक दृष्टिकोणसँ महत्वपूर्ण नहि, बल्कि वास्तुकलाक अनुपम उदाहरण अछि ।
जानकी मन्दिर
जानकी मन्दिर, १९१० ई. मे भारतक टीकमगढ़ राज्यक महारानी वृषभानु देवी द्वारा बनाओल गेल । ई मन्दिर पूर्ण रूपसँ भारतीय–नेपाल वास्तुकलाक मिश्रण अछि । हरेक वर्ष लाखों श्रद्धालु एहि ठाम दर्शनक लेल अबैत छथि ।
विवाह पञ्चमी
विवाह पञ्चमी जनकपुरधामक प्रमुख पर्व वा कही उत्सव अछि । एहि अवसरपर भगवान राम आ माता सीताक विवाह उत्सव मनाओल जाएत अछि । लाखों तीर्थयात्री एहि पवित्र अवसरपर एहि ठाम अबैत छथि । एहिठाम त्रेता युगमे शिवक पिनाक धनुष रघुबर तोड़ने रहथि । एहिठामक पोखरि आ तलाउकेँ सेहो बहुत महत्व अछि ।
३. सांस्कृतिक धरोहर
मिथिलाक संस्कृति अपन विशिष्टता लेल प्रसिद्ध अछि । मिथिला परम्परा, कला आ साहित्य जनकपुरधाम मे जीवन्त अछि ।
मिथिला चित्रकला
जनकपुरधाम मिथिला चित्रकलाक केन्द्र अछि । ई कला विशेष रूपसँ महिलासभ द्वारा विकसित कएल गेल आ ई विवाह, पर्व आ धार्मिक अनुष्ठानक अवसरपर बनाओल जाइत अछि । मिथिला चित्रकलामे देवी–देवता, प्रकृति आ मिथिलाक दैनिक जीवनक चित्रण देखल जाएत अछि ।
लोकसंगीत आ नृत्य
मिथिला लोकसंगीत जनकपुरधामक आत्मा अछि । विवाह गीत, कोहबर गीत, आ सोहर गीत एहि क्षेत्रक सांस्कृतिक पहिचान अछि । मिथिला नृत्य, जे परम्परागत लोककथा आ धार्मिक कथापर आधारित होइत अछि, जनकपुरधाममे व्यापक रूपसँ प्रचलित अछि ।
पारम्परिक परिधान
मिथिलाक महिला भक परिधान विशेष रूपसँ साड़ी आ पाग (मिथिला क पुरुष क परम्परागत टोपी) एहि क्षेत्रक सांस्कृतिक धरोहरक हिस्सा अछि ।
४. साहित्यिक महत्व
मिथिला साहित्यक अद्भुत भूमि रहल अछि । राजा जनकक कालसँ मिथिलामे विद्या आ साहित्यक उन्नति भेल । जनकपुरधामक सम्बोधन विद्यापति आ अन्य कवि सभक रचनामे सेहो भेटैत अछि । विद्यापतिक मैथिली गीत आ भक्ति रचना मिथिलाक साहित्यिक पहिचान बनल अछि । जनकपुरधामक साहित्यिक परम्परा एहिठामक सांस्कृतिक महत्ता कए बढ़बैत अछि ।
५. सामाजिक आ राजनीतिक प्रभाव
जनकपुरधाम मात्र धार्मिक आ सांस्कृतिक दृष्टिकोणसँ महत्वपूर्ण नहि अछि, बल्कि एकर सामाजिक आ राजनीतिक प्रभाव सेहो अछि ।
सामाजिक आन्दोलन
मिथिला क्षेत्रक सामाजिक सुधार आन्दोलनमे जनकपुरधामक विशेष भूमिका रहल अछि । महिला शिक्षा, जातिगत समानता आ सामाजिक न्याय लेल एहि क्षेत्रक नेतृत्व महत्वपूर्ण रहल अछि ।
नेपालक राजनीतिक केंद्र
नेपालक तराई क्षेत्रमे जनकपुरधाम राजनीतिक दृष्टिकोणसँ महत्वपूर्ण रहल अछि । ई क्षेत्रक लोक आन्दोलन आ नागरिक अधिकार अभियानमे योगदान उल्लेखनीय अछि ।
६. आधुनिक जनकपुरधाम विकास आ पर्यटन
आजुक समयमे जनकपुरधाम धार्मिक आ सांस्कृतिक पर्यटनक महत्वपूर्ण केन्द्र बनल अछि ।
रामायण सर्किट परियोजना
भारत आ नेपाल सरकार मिलिकय रामायण सर्किट परियोजना कए विकसित कऽ रहल अछि । एहि परियोजना अंतर्गत जानकी मन्दिर आ अन्य धार्मिक स्थलक विकास काज भऽ रहल अछि ।
आधुनिक सुविधाक विकास
जनकपुरधाम मे रेलवे, हवाई अड्डा आ आधुनिक सड़क सुविधा एकरा देश–विदेश सँ जुड़ने अछि। ई नगरी नेपालक प्रमुख पर्यटक स्थल बनि रहल अछि।
७. पर्यावरणीय दृष्टिकोण
जनकपुरधाम मात्र धार्मिक आ सांस्कृतिक महत्व नहि रखैत अछि, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिसँ सेहो महत्वपूर्ण अछि । गंगा सागर, धनुष सागर आ राम सागर जेहन पोखरिसभ पर्यावरणीय संतुलनमे योगदान दैत अछि । एकर संरक्षणक लेल ठोस प्रयास आवश्यक अछि ।
निष्कर्ष
जनकपुरधाम मिथिला क शान अछि । ई नगरी अपन धार्मिक, सांस्कृतिक आ ऐतिहासिक पहिचानसँ सम्पूर्ण क्षेत्रक गौरव बढ़ा रहल अछि । मिथिलाक एहि अमूल्य धरोहरक संरक्षण आ विकास लेल निरन्तर प्रयास आवश्यक अछि । जनकपुरधामक महत्व मात्र मिथिलाक लेल नहि, अपितु सम्पूर्ण विश्वक लेल अछि । एहि ठामक संस्कृति, कला आ परम्परा कए सहेजल आ विश्वव्यापी बनाओलापर मिथिलाक असली पहिचान होएत ।
(श्री जनता नमुना प्राविधिक माध्यमिक विद्यालय गिद्धा बेलापट्टी स्थित पशु विज्ञानक १२ मे पड़ैत छथि ।)
