♦ प्रा. डा. सुरेन्द्र लाभ ‘अरे शाश्वत पोता ?’ शाश्वतकेँ देखि बाबा भावविह्वल भ’ गेलाह ‘अचानक ? आऊ आऊ बहुत खुशी लागल।’ शाश्वत अपन यन्त्रमे […]
सुजीतकुमार झा सप्तरीको छिन्नमस्ता भगवतीे मन्दिर पर्यटकहरुको आकर्षणको केन्द्र बनेको छ । धार्मिक तथा पर्यटकीय दृष्टिकोणले चर्चित सो स्थानमा विहानदेखि रातीसम्म भीड लागेको हुन्छ । […]
♦ सुजीत कुमार झा दलानपर विहुँसैत हम सभ अतिथिके स्वागत कऽ रहल छलहुँ, सभक वधाई स्वीकार करैत पण्डालमे लऽ जाइत छलहुँ, जतऽ हमर नव विवाहिता बेटी […]
♦ कञ्चना झा खिड़कीसँ चन्द्रमाके निहारि रहल छी । धीरे–धीरे चन्द्रमा शीतल बरसाबैत भोर दिस बढि़ रहल अछि तऽ इएह आस करी जे भोरक […]
♦ काशिकान्त झा ‘रसिक’ हम किए नहि कहु अप्पन मिथिलाके महान किए तँ जतए जन्म लेलखिन माँ लक्ष्मी सीताक रुपमे, हम किए नहि कहु अप्पन मिथिलाके […]
♦ रोशन जनकपुरी “एकटा कथानक चाही मित्र ! रियलिस्टिक ।” “कथा किया नइँ ? हमरे स किया ? आ रियलिस्टिके किया ?” “माने किछु अलग […]
♦ प्रा.डा. सुरेन्द्र लाभ सिलिकन वैली अर्थात् अमेरिकाक प्रसिद्ध शहर सन होजे आ’ ओकर आसपासक क्षेत्र । किछु मास एहिठाम रहबाक अवसर जुटल । अद्भुत शांति […]
→ सुजीत कुमार झा सतिश कुमार सिंह नेतृत्वक सरकारक एक सय दिन पूरा भेलापर काजक विवरण सार्वजनिक करए बुधदिन पत्रकार सम्मेलन कएल गेल छल । […]
सुजीतकुमार झा । जनकपुरधाम संतानको दीघार्यूका लागि मैथिल महिलाहरुद्वारा गरिने जितियामा यसपाली ३६ घण्टा कठोर ब्रत हुनेछ । अष्टमी भरि पानीपनि नखाने मान्यता रहेको छ […]
♦ सुजीतकुमार झा । इन्जनकेँ शटिङ्ग करबाक अवाज आबि रहल छल । बीच–बीचमे सिटी सेहो बाजि उठैत छल । सवारी गाड़ी आ माल गाड़ीके आबऽ–जाएके अवाज […]
♦ विभूति आनन्द || 1 || समुद्रकें देखब अपनाकें देखब सन होइत छै ठाढ़ छी ‘मंदारमणि’ समुद्र तटपर आ सोचिते जा रहल छी लगातार सएह… अपन […]
♦ चन्द्रकिशोर १. रिवाज ई छै अप्पन प्रोफाइल पिक्चर बदलने जनकपुरधाम । एहिठाम आब प्रश्न नहि कएल जाइ छै । एखनुका जनकक भारदार लोकनिकेँ प्रशस्ति […]