

♦ अभिष्ठनारायण झा
अन्हारसँ मुक्त करैछ इजोत ।
अनचिन्हारकेँ चिन्हवैत अछि इजोत ।।
अशिक्षारुपी अन्धकारके जगवैत अछि इजोत
जीवनमे इजोतक बहुत महत्व अछि ।
किएक तँ इजोत लोककेँ उर्जावान बनवैत अछि ।।
इजोत तँ भगजोगनीक सेहो होइछ,
जे आकर्षण रहैछ ।
मुदा सूर्यक इजोत सदा उपयोगी होइछ ।।
इजोतसँ सफलता, अन्धकारसँ असफलता बुझाइछ ।
जे संघर्ष करैछ,
तेकरहि जीवन सफल बुझाइछ ।।
