

♦ सुरेन्द्र लाभ
कार्य- कारणक जाल अछि
ओहिना ने ई हाल अछि ।
जकरासॅं सिनेहक आश बहुत
बनल जिनगीक काल अछि ।
जे छी जेहन छी रहबे करब
हमरा ने कोनो मलाल अछि ।
मौज मे रमल अछि धुर्तसब
सधुआ एतए बेहाल अछि ।
पुरने नेता पुरने खेल
बदलैत नवका साल अछि ।
नीति नियमसब कहां चलैछ
बस चलि रहल दलाल अछि ।
देशक हालपर सोचब जरूरी
जाधरि एहन सवाल अछि ।
