

⇒सुजीत कुमार झा
सामाजिक सञ्जालमे आइकाल्हि अस्मिता रानी ठाकुरक कविता छाएल रहैत अछि । जखने फेसबुक खोलु अस्मिताद्वारा पाठ कएल कविता चलि आओत । मैथिली साहित्यसँ जुड़ल व्यक्ति मात्र नहि समान्य व्यक्ति सेहो हिनक कविता शेयर कएने छथि ।
राष्ट्रिय मुक्ति पार्टी नेपालक नेता अनिल महासेठक पेजमे दूख लाख ७६ हजारसँ बेसी लोक अस्मिताक कविता देखलन्हि अछि । हिनके पेजसँ २५ सय गोटे सेयर केने छथि । ९ हजार तऽ लाइक अछि । महासेठ कहैत छथि – मोडेल खबरक पेजमे अस्मिताक कविता एलाक बाद हम सेयर कऽ देलियै आ एतेक भाइरल भऽ जाएत हमरा स्वयं नहि बुझल छल ।

महासेठ नवप्रतिभासभकेँ प्रमोट करैत रहैत छथि । विभिन्न पेज आ युटयूव च्यानलपर पाँच लाखसँ बेसी लोक अस्मिताक कविता देखलन्हि अछि । शेयरक बात कएल जाए तँ ६ सयसँ बेसी शेयर हिनक कवितावला भिडियो भेल अछि । साहित्यक सभसँ लोकप्रिय विधा कविता अछि अस्मिताक कविता सेहो सिद्ध कऽ देलक अछि ।
जतए ततए लोक थुकैया
कुकुरसँ बेसी लोक भुकैया
कहए लेल जातिपातिमे भेद नहि कोनो
वास्तवमे एतए एकसँ दोसर जरैया
नवयुवकसभकेँ चर्चे हटाउ
नवयुवकसभकेँ तऽ चर्चे हटाउ
बिगरि कऽ भेल जाइया दूरि
इएह छियै बिना ब्रेकक जनकपुर
अदक्ष दक्ष जनशक्तिसभ घुसखोर भेटत
बड़का–बड़का नेतासभ चोर भेटत
धूर्त भेटत सरकारी कर्मचारी
आ कानून कमजोर भेटत
अतिथि भ्रमण करए तऽ अखनो अबैत अछि
किन्तु देखि माहोल भागएपर भऽ जाइत थिक मजबुर
इएह छियै बीना ब्रेकक जनकपुर
प्राकृतिक सौन्दर्यके ध्वस्त नहि करु
ई सीताक भूमिकेँ नष्ट नहि करु
ई महान भूमिकेँ महाने रहए दियौ
एकरा नष्ट करएके कष्ट नहि करु
यदि सम्भव हुए तऽ
ब्रेक लगाउ एना
जेना तालमे सुर
जाहिसँ दोबारा नहि कहए परे बीना ब्रेकक जनकपुर
मनुष कम बेसी लोक खचरा भेटत
डेग–डेगपर कचरा भेटत
अन्हराएल भेटत सभ स्वार्थेमे
कोइ चलाक तऽ कोइ बनल बकरा भेटत
घमण्डेमे देखबै
यौ घमण्डेमे देखबै सभके चकनाचुर
इएह छियै बीना ब्रेकक जनकपुर
ससुरके देखि कऽ घोघ तनैय कनिया
आ गामक विवाहक मटकोरमे
भोजपुरीएपर खूब नचैय बहुरिया
तोडि़ कऽ संस्कारकेँ पिसलक एना
जेना सिलौटपर धनिया
सांस्कृतिक वस्त्र संजोगल भेटत
केवल सामाजिके सञ्जालतक
वास्तवमे सभ आकर्षित भेल जाइया रफ ड्रेस कि ओर
जेना ओहिमे लागल रहै हिरा कोहिनुर
इएह छियै बीना ब्रेकक जनकपुर
हिनक इएह कविता अछि । जतए–ततए चर्चा पाबि रहल अछि ।
१५ वर्षक अस्मिता मिट स्कूल जनकपुरधामक ९ कक्षामे पढि़रहल छथि । हिनक अन्तरवार्ता एक हप्तापूर्व मोडेल खबरक पोडकास्ट चैनलमे प्रसारण भेल छल । ओ उएह अन्तरवार्ताक क्रममे मैथिली कविता पाठ कएने रहथि । हिनक कवितापर मैथिलीक प्रसिद्ध लेखक रुपा झा लिखैत छथि – वाह बौआ कमाल, जीबू । सामाजिक सञ्जालमे नेपाल भारतक हजारो व्यक्तिक प्रतिक्रिया आएल अछि । ओहोसभ अस्मिताक कविता आ हुनक वाचनशैलीसँ चकित छथि ।
महोत्तरीक महोत्तरी गाउँपालिका २ घर भेल अस्मिताक माताक नाम अर्चना कुमारी झा आ पिताक नाम राजिव ठाकुर छन्हि । अस्मिताक माए शिक्षणसँ पेशासँ जुड़ल छथि । अस्मिताकेँ आगाँ बढावएमे हिनक माएकेँ बहुत योगदान अछि । जखन ओ बच्चा रहए हम अपन विद्यालयमे लऽ जाइत छलहुँ, सरस्वती पूजामे नृत्य करैत छल । दू वर्षसँ कविता आ गीत सेहो लिखए लागल छथि ।
जनकपुरधाममे होबएवला अतिरिक्त क्रियाकलापमे प्रायः ओ सहभागि होइत रहैत छथि । ‘छोट छैक तएँ हम वा ओकर पापा संगे रहैत छी । हमसभ अपन कार्यक्रम छोडि़ देलहुँ मुदा ओकर काज नहि छोड़बैत छी,’ अर्चना कहैत छथि ।
किछु वर्षमे बहुतो पुरस्कार अस्मिता पौने छथि । भविष्यमे इन्जिनियर आ रैप गायक बनबाक अस्मिताक लक्ष्य अछि । ओ रैप गीत सेहो लिखैत छथि ।
एहिसँ पहिने जनकपुरधामक राखी ठाकुरक मैथिली कविता खूब भाइरल भेल रहए । हुनक कविता अपन कुटिल मुस्कानकेँ राजनीति हमरा नहि सिखाउ… सेहो लाखो लोक सामाजिक सञ्जालमे तहलका मचौने छल ।
प्रोफेसनल कविसभसँ नव लेखकसभ तहलका मचावए लागल अछि । जेकर झलक अस्मिता आ राखीक कवितासँ देखल जा सकैत अछि ।


