

अम्भुप्रसाद साह
पूर्व उपाध्यक्ष
जनकपुरधाम उद्योग वाणिज्य संघ ।
विवाहपञ्चमी जनकपुरधामक लेल धार्मिक सांस्कृतिक परम्परा अछि । जे त्रेता युगमे सीतारामक विवाहके ऐतिहासिक घटनाके प्रत्येक मिथिलावासीके मानसपटलमे स्मृति ताजा बनबैत रहैत अछि । ई विवाहपञ्चमी महोत्सव धार्मिकताके हिसाबसँ मात्र नहि जनकपुरधामक लेल धार्मिक सांस्कृतिक पर्यटनके सेहो प्रवद्र्धन करैत अछि । तएँ ई महोत्सव जतेक धूमधामकसंग मनाओल जएबाक चाही से नहि भऽ पाबि रहल अछि । एहनमे जनकपुरधामक नाम कोना संसारक कोन कोनमे पहुँचत ई प्रश्न छन्हि जनकपुरधाम उद्योग वाणिज्य संघक पूर्व उपाध्यक्ष अम्भुप्रसाद साहके । ओ कहैत छथि ‘विवाहपञ्चमी जनकपुरधामधरि मात्रे सीमित रहि जाइत अछि ।’ जखनकि एहिके प्रचार प्रसार जोडतोडसँ हएबाक चाही ।
जनकपुरधामक कण कण सीतारामसँ सम्बन्धित अछि । तएँ जनकपुरधामक ओ प्रत्येक स्थानके बढियाँजकाँ सजेबाक चाही जतए जतए पर्यटकसभ दृश्यावलोकन करए चाहैत छथि । एहिसँ जानकी मन्दिर मात्रे नहि कि पूरे जनकपुरधाम नव कनियाँजकाँ बुझाओत ।
एहि अतिरिक्त विवाहपञ्चमी महोत्सव अन्तर्गत होबएबला वैवाहिक कार्यक्रमके जनजनधरि पहुँचेबाक चाही । ई कार्यक्रम दृश्यावलोकनके सहजताक लेल जानकी मन्दिरके सट्टा रंगभूमि मैदानमे आयोजना कएल जाएत तऽ आओर उत्तम हएत । नहि तऽ चौक चौकपर डिस्प्ले लगा कऽ वैवाहिक कार्यक्रम श्रद्धालु भक्तजनसभ देखए सकैथि से व्यवस्था हएबाक चाही । एहिसँ बाहर बाहरसँ पर्यटकसभके लेल सहज होबएके संगहि जानकी मन्दिरमे भीड़ व्यवस्थापन करए सेहो सहज हएत ।
विवाहपञ्चमी महोत्सवक प्रचार प्रसार नेपालक मात्र नहि अन्तर्राष्ट्रिय मिडियासभमे सेहो हएबाक चाही ।
जनकपुरधाममे विवाहपञ्चमी महोत्सवक क्रममे पर्यटकसभके अत्याधिक चाप रहैत अछि । पर्यटकसभमे भोजन निक नहि भेटल से उपराग रहैत छन्हि । बाहरसँ आएल श्रद्धालु भक्तजन भुखले प्यासले जनकपुरधाम पहुँचल रहैत छथि । पूजापाठक बाद जखन भोजनके लेल होटेलसभमे पहुँचैत छथि तऽ पैसा बेसी लागल तैयो भोजन निक नहि भेटल से उपराग रहैत छन्हि । ई उपराग कोना समाप्त हएत ताहि दिशामे जनकपुरधामवासीके काज करए पड़त । फेर विवाहपञ्चमी महोत्सव जानकी मन्दिर वा जनकपुरधाम उपमहानगरपालिकाके मात्रे व्यवस्थापन कएलासँ नहि हएत स्थानीयके सेहो ओतबे एहि महा–उत्सवके व्यवस्थित करबाक लेल भूमिक हएबाक चाही ।
महोत्सवमे आएल श्रद्धालु भक्तजनक लेल आवास, भोजनके संगे सौचालयक नीक व्यवस्थादिस सम्बन्धित निकायके ध्यान जएबाक चाही । मिथिलाके तऽ परम्परे अछि आगन्तुकके नीकसँ स्वागत सत्कार करएके । ओ परम्परा बचाबएके संगे हमसभ मिथिलावासी छी से प्रदर्शन करएके नीक माहौल ई विवाहपञ्चमी महोत्सव भऽ सकैत अछि ।
प्रस्तुतीः शिवानी मिश्र
