

जनकपुरधाम ।
शिक्षकसभक योगदानके कदर करैत भारतक बिहारस्थित दरभंगामे आयोजित एक भव्य समारोहकेबीच नेपाल भारतक शिक्षकसभके सम्मानित कएल गेल अछि । “द वे“ नामक संस्था कार्यक्रमक आयोजना करैत नेपाल तथा भारतक ५०सँ अधिक शिक्षकसभकेँ सम्मानित कएने छल ।
ओ सम्मान समारोहमे शिक्षाविदसभ नेपाल तथा भारतक शिक्षामे ह्रास आबि रहलप्रति चिन्ता व्यक्त कएलन्हि अछि । कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयका उपकुलपति डा. लक्ष्मीनिवास पाण्डे प्रमुख अतिथिके आसनसँ शिक्षा विकासक मूल द्वार रहल बतौलन्हि । ओ शिक्षा क्षेत्रक विकासक लेल संस्कार तथा संस्कृतिके जोडि कऽ आगा बढाबए पर जोड देलन्हि ।
सीवीरमण विश्वविद्यालय वैशालीक उपकुलपति डा. मुरलीलाल गौर शिक्षा आ संस्कृतिक अन्तरसम्बन्धउपर चर्चा कएलन्हि । मुदा नेपाल तथा भारतक शिक्षाक गति बढाबएके संगहि दिशा निर्धारित करएके सेहो आवश्यक्ता रहल बतौलन्हि ।
समारोहमे मोडेल खबरके सल्लाहकार एवं प्राध्यापक डा. सुरेन्द्र लाभ पछिल्ला समयमे शिक्षामे आबि रहल ह्रासके रोकए लेल नैतिक शिक्षाके संग संगे आगा बढाबएपर केन्द्रित हएब आवश्यक रहल बतौलन्हि । ओ विद्यारुपी दीपकके रुपमे रहल शिक्षकसभकेँ अभिनन्दन करएके परिपाटीके शुरुवात हएब सुखद संकेत रहल बतौलन्हि ।

ओ कार्यक्रममे नेपालक दिससँ एकाउण्टके शिक्षक डा. विनोद साह, अंग्रेजीके शिक्षक विनोद साह, डा. शिवेन्द्र लाभ, डा. दिनेश यादव, सत्यम प्रकाश, कृष्णकुमार साह, रंजीवकुमार आनन्द तथा भारतक दर्जनौ शिक्षकसभ सम्मानित भेल छलथि ।
द वे संस्थाक निर्देशक आशिष सिंह एहि प्रकारक कार्यक्रमकेँ अगिला दिनमे निरन्तरता देब से प्रतिवद्धता व्यक्त कएलन्हि । ओ अगिला वर्ष एहि कार्यक्रमक आयोजना नेपालक जनकपुरधाममे करब घोषणा सेहो कएलन्हि ।
