

गायत्री झा
मैथिली कवि ।
हिन्दु धर्माबलम्बीसभक लेल एकटा महत्वपूर्ण पावनि अछि शिवरात्री । जकर तयारी मिथिलाञ्चलसहितक क्षेत्रमे शुरु भऽ चुकल अछि । भगवान शिव आ माता पार्वतीक विवाहसँ जुड़ल एहि पावनिके लऽ कऽ हिन्दु धर्माबलम्बीसभमे प्रतिक्षा तऽ रहबे करैत अछि संगे उत्साह सेहो आतबे रहैत अछि । भगवान शिव आ माता पार्वतीक विवाहोत्सवके रुपमे रहल एहि पावनिके शिवरात्रीक नामसँ जानल जाइत अछि । शिवरात्री प्रत्येक वर्ष फागुन कृष्ण चतुर्दशी तिथिक दिन मनाओल जाइत अछि ।
मैथिलीक कवि गायत्री झा कहैत छथि जहिना मिथिलामे विवाहपञ्चमीक उत्साह रहैत अछि ओहिना शिवरात्रीमे सेहो रहैत अछि । किए तऽ एहि दिन शिवपार्वतीक पूजा अराधना कएल जाइत अछि ।
ओ कहैत छथि शिवरात्रीक दिन पूजाके लऽ कऽ शिव मन्दिरसभ बहुत बढियाँजकाँ सजाओल रहैत अछि । महोत्तरी जलेश्वरस्थित रहल जलेश्वरनाथ महादेव मन्दिरक सजावट अदभूत रहैत अछि । मुदा भीड़ व्यवस्थापनके लऽ कऽ श्रद्धालु भक्तजनसभसँ उपराग अबैत रहैत अछि । शिवरात्रीक दिन शिव मन्दिरसभमे भोरबेसँ भीड़ लागएके शुरु भऽ जाइत अछि । महिला हुए वा पुरुषसभके लाइन लागि कऽ मन्दिरमे प्रवेश भेटैत अछि । मुदा भीड़ व्यवस्थापनके लेल मन्दिर प्रशासनसंगे स्थानीय पालिकाके जनशक्ति खटाओल जएबाक चाही । जतेक बेसी स्वयंसेवक तथा जनशक्ति भीड़ व्यवस्थापनक लेल लागल रहत भक्तजनसभक लाइन सेहो ओतबे मर्यादित रहत ।
शिवरात्रीमे विशेष कऽ महिलासभ उपवास करैत छथि । अविवाहित लडकीसभ शिवजी सनके वर पावएके मनोकांक्षासँ शिवरात्री व्रत कएल करैत छथि । व्रत कएनिहारसभ ओहि दिन राति भरि जगैत छथि, पूजा अराधना करैत छथि । भगवान शिवके नचारी प्रिय छन्हि तएँ श्रद्धालुसभ जागरणके सेहो नचारी सेहो गवैत छथि ।
शिवरात्री मिथिलाञ्चलमे मात्र नहि भऽ पूरे नेपाल आ भारतमे भव्यताकसंग मनाओल जाइत अछि । एहिबेर फागुन १४ गते शिवरात्रीक तिथि पड़ल अछि । जाहिके लऽ कऽ जनकपुरधामक शिव मन्दिर तथा महोत्तरीक जलेश्वरमे रहल प्रसिद्ध जलेश्वरनाथमे तैयारी शुरु भऽ चुकल अछि ।
