

घरपरिवार निकसँ चलाबएमे आ परिवारके सजा कऽ राखएमे सभसँ बडका योगदान महिलासभके होइत अछि । हँ एकर अर्थ ई नहि जे पुरुषके कोनो योगदान नहि होइत अछि । मुदा अधिकांश पुरुष नोकरीहारा रहैत छथि, कमा कऽ अनैत छथि आ आर्थिक रुपसँ परिपूर्ति करैत छथि । मुदा घरमे पुरुष बनल बनाएल खाइत छथि । अर्थात घरक सम्पूर्ण जिम्मा एक प्रकारसँ महिलेके कान्हपर होइत अछि । सोचएबला बात ई अछि जे यदि महिला जिम्मेवारी नहि उठाबैत तऽ कि पुरुष चैनसँ रहए पबैत ?
महिलासभके घरेमे रहबाक चाही एहन मानसिकता अखनो बहुतो गोटेके मस्तिष्कमे छन्हि । मुदा ईहो तऽ सोचु जे महिला घरके सजा कऽ, सम्हारि कऽ रखैत अछि तऽ बाहर निकलत तऽ बाह्य वातावरणके कतेक प्रभावी बनाओत ? तएँ हम चाहैत रहैत छी, जे महिलासभ घर गृहस्थिसंगे बाहरो अपन सफलतासँ लोकके मोहैत छथि तेहन उदाहरणीय महिलासभसँ बातचित करी आ हुनक संघर्ष संगे सफलताक यात्रा अपनेसभ समक्ष प्रस्तुत करए पाबी ।
मोडेल खबरक कार्यक्रम ‘नायक घर घरकेँ’के एहिबेरक नायक छथि रेणु झा जे धनुषाक हँसपुर नगरपालिकाक पूर्व उपप्रमुख सेहो छथि । ओ कहैत छथि महिलामे जे सहनशिलता, जे परस्थिति सम्हारएके क्षमता होइत अछि ओहन क्षमता आन ककरोमे नहि भऽ सकैत अछि । असगरे घर परिवारके बान्हि कऽ संजोगि कऽ सभक ईच्छाके बुझि कऽ सम्हारल करैत छथि ।
महिला चाहे तऽ कि नहि कऽ सकैत छथि, रेणु कहैत छथि ‘हमरामे ओ क्षमता अछि तहन तऽ घरसंगे बाहरोकेँ काज कुशलतापूर्वक सम्हारैत आबि रहल छी ।’ ओहने शक्ति प्रत्येक महिलामे होइत अछि, बस्स देरी एतबी रहैत अछि अपना भितर निहारएके । महिलासभके समस्यासभमे उलैझि कऽ हम नहि कऽ सकैत छी से बहाना बनाबएसँ निक यदि हिम्मत देखाओत तऽ सभ समस्या समाधान होइत जाएत रेणुक कथन छन्हि । ओ ईहो कहैत छथि ‘जे अपनाके अबला बुझैत अछि ओ मात्रे अबला अछि नहि तऽ आगा बढएबलाके सहयोग प्राप्त हएबे करैत अछि ।
रेणुजीक जीवनसँ जुड़ल बहुत बात ‘नायक घर–घरकेँ’ मे देखबए करब । ई कार्यक्रम प्रत्येक शुक्रदिन मोडेल खबरक पोडकाष्ट चैनल https://www.youtube.com/@ModelKhabarमे प्रशारण होइत आबि रहल अछि ।

