

एहनो दिन आबि सकैत अछि कहिओ नहि सोचने छलौँ । भारतक ओडिसास्थित कालिंगा इन्स्टिच्युट अफ इण्डस्ट्रियल टेक्नोलोजी (किट)मे जे नेपाली छात्रा प्रकृति लम्सालक मृत्यु घटना सभकिओके झकझोरि देलक । लम्साल अपने कक्षमे आत्महत्या कएने पाओल गेल छलीह । यी घटना सुनलाकबाद हम्मर देह भुलैक गेल ।
ओडिसाक किट विश्वविद्यालयमे भेल ओ घटना नेपालीसभक मनमस्तिष्कके झकझोरबे कएलक उपरसँ नेपाल आ नेपालीक हैशियत देखा देलक । ओडिसामे घटल ओहि घटनाके लऽ कऽ ओतए रहल नेपाली विद्यार्थीसभ प्रकृतिके न्यायक लेल प्रर्शनमे उतरलथि । जाहिके बाद यी घटना नेपाल आ भारतके कोना कोनामे फैल गेल । घटनाक बाद प्रदर्शनमे उतरल नेपाली विद्यार्थीसभके कलेज प्रशासन होस्टेल खाली करए आ कलेज छोडएके लेल सूचने जारी कएलक । ओतबी नहि नश्लभेदी टिप्पणी सेहो कएल गेल । ओहि विश्वविद्यालयमे कार्यरत दू गोटे शिक्षिका नेपाली विद्यार्थीसभपर नश्लभेदी टिप्पणी तऽ करबे कएलन्हि उपरसँ देशके सेहो निचा देखाबएके कोनो कसरि बाँकी नै रखलीह । ओ सभ नेपाली विद्यार्थीक सामनेमे कहलीह ‘तोहर देशक बजेटसँ बेसी बजेट हम्मरसभक विश्वविद्यालयक अछि ।’ यी अलग बात अछि जे विश्वविद्यालय बादमे गलती स्वीकार करैत माफी मगलक । शिक्षिकासभ सेहो भिडियो जारी करैत माफी मगलथि ।
मुदा प्रश्न उठैत अछि माफी मात्रे मगलासँ एहि समस्याक निराकरण भऽ जाएत ? पक्के नहि ।
आब कनी बात करब अपनो देश नेपालके । प्रकृतिक संदिग्ध अवस्थामे मृत्यु भेल । मुदा नेपाली राजनीतिकर्मीसभक निन्द भंग नहि भेल । जखन मिडियामे आलोचना शुरु भेल तखन जा कऽ मात्रे नेपाल सरकार कुटनीतिक पहल शुरु कएलक । नेपाल सरकार एतेक अबेरसँ कुटनीतिक पहल किए कएलक ? नेपाल सरकार एहिठाम चुकल ।
घटनाक २÷३ दिन बित गेल तखन जा कऽ नेपाल सरकार कुटनीतिक पहल शुरुए कएने छल । एहि २÷३ दिनक अवधिमे नेपाली विद्यार्थीसभ उपर ओहिठाम अमानवीय व्यवहार कएल गेल । नेपाली विद्यार्थीसभ प्रदर्शनमे उतरलाक बाद मात्रे नेपालक प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली निद्रा भंग भेल । ओ सामाजिक संजाल एक्सपर पहिल ट्विट कएलन्हि । प्रधानमन्त्री ओली नेपाली विद्यार्थीके शिक्षा आर्जनक सहज वातावरण मिलाबएके लेल पहल शुरु कएलन्हि । मुदा कखन जखन सयौ विद्यार्थी कलेज छोइर कऽ नेपाल घुरि गेलथि ।
विद्यार्थीसभपर नश्लभेदी टिप्पणी हुनकासभ उपर कएल गेल । एतवी नहि कलेजसँ बाहर निकालि कऽ रेल्वे स्टेशनधरि जबरजस्ती पहुँचाओल गेल । कलेज प्रशासन एतबो नहि सोचलक जे विद्यार्थीसभ भोजन कएने अछि कि भुखले अछि, घर घुरए लेल जेबीमे पैसा अछि कि नहि ?
नेपाल सरकार बादमे जा कऽ जे पहल कएलक ओ पहल घटना भेले दिनसँ भेल रहथि तऽ सम्भवतः अन्य नेपाली विद्यार्थीसभपर कएल अमानवीय व्यवहार नहि भेल रहथि । प्रकृतिक संदिग्ध मृत्यु प्रकरणमे संलग्न अपराधीपर कानूनी कारबाही सेहो सहजहि आगा बढल रहथि ।
प्रकृति मृत्यु प्रकरणमे मिडियाक भूमिका
शुरुमे प्रकृतिक संदिग्ध मृत्युके किट विश्वविद्यालयक प्रशासन दबाबएके हरसम्भव प्रयास कएलक । जँ मिडिया खुइल कऽ सामने नहि अबैत तऽ सम्भवतः यी घटना विश्वविद्यालय दबाबए सफल भऽ जाइत । मुदा एहिमे मिडियाक भूमिकाके सराहना करही पड़त । ओतुका मिडियासभ अग्रसरता देखौलाक बाद विश्वविद्यालयके माफी तऽ मागही पड़ल उपरसँ भारत सरकार सेहो आब एहि घटनाके लऽ कऽ गम्भीर बनल अछि । एतबी नहि विश्वविद्यालय नेपाली विद्यार्थीसभके कलेज घूरएके लेल कहि रहल अछि तऽ प्रकृतिक नामपर नेपाली विद्यार्थीके छात्रवृति देल जाएत सेहो घोषणा कएलक अछि ।
ओना सामाजिक सञ्जालसभमे भारतीय सोशल मिडिया इन्फ्लुएन्सरसभ सेहो भारत सरकार एहि घटनामे शुरुवाती डेग उठाबएमे जे अबेर कएलक ओहिके आलोचना कऽ रहल अछि । हुनकरसभक कथन अछि यदि भारतीय कोनो विद्यार्थीकसंग एहन अप्रिय घटना भेल रहैत तऽ अहिना सुस्त रहैत ?
भारतक प्रतिष्ठित संचार माध्यम टाइम्स अफ इण्डियाके सम्पादकीयमे नेपाली विद्यार्थीसभके लक्षित कऽ कएल गेल नश्लभेदी टिप्पणीप्रति कडा आलोचना कएल गेल अछि । विश्वविद्यालयमे भेल एहि प्रकारक घटना आ उपरसँ नेपाली विद्यार्थीसभसंग घटनाक बाद कएल गेल व्यवहारसँ भारतक छविके धुमिल भेल सम्पादकीयमे लिखल गेल अछि ।
भारतमे सभसँ बेसी विद्यार्थी पढए लेल जाएबला देशमे नेपाल सेहो अबैत अछि । सन २०२१÷०२२मे मात्रे भारतमे रहल ४६ हजारसँ बेसी विदेशी विद्यार्थीमेसँ १३ हजार १ सय २६ नेपाली विद्यार्थी रहल अछि । ओना नेपालसँ १० वर्षक अवधिमे ६ लाख ३९ हजारसँ बेसी नेपाली विद्यार्थी अध्ययनक लेल अन्य देशसभमे पहुँचल अछि ।
नेपाली विद्यार्थी नेपालेमे अध्ययन किए नहि करए चाहैत अछि ? ई प्रश्न सेहो अछि । नेपालमे सुविधासम्पन्न तथा गुणस्तरीय शैक्षिक प्रतिष्ठानक अभाव अछि । जेहो शैक्षिक प्रतिष्ठानसभ अछि ओ नेपालमे रहल विद्यार्थीसभक लेल पर्याप्त नहि अछि । बाध्यतावश एतुका विद्यार्थीसभके विदेशक शैक्षिक प्रतिष्ठानसभक सहारा लेबए पडैत अछि ।
नेपाल सरकार आ भारत सरकार आब आबि कऽ जागल अछि । दूनु देशक सरकार जगलाका आत्महत्या दुरुत्साहन मुद्दामे अदभिक श्रीवास्तव नामक युवकके पकडल गेल अछि । संगे विश्वविद्यालयक किछु अधिकारी सेहो पकडाएल अछि । भऽ सकैय प्रकृतिके न्याय भेट जाए । मुदा नेपालके जाहि प्रकारक अपमान भेल ओ कहिओ घूरत ? पक्के नहि । ओतुका विश्वविद्यालय लाख माफी मागि लए, शिक्षिकासभ लाखबेर माफी मागे प्रकृति पुनः जीवित नहि भऽ सकैत छथि । प्रकृतिक शंकास्पद मृत्युसँ नेपाल सरकार कि पाठ सिखलक से हम अहाँ भविश्यमे देखबे करब । अन्त्यमे एतबी कहब प्रकृतिके न्याय भेटए ।
