Breaking 
सप्तरीमा करेन्ट लागेर एक किसानको मृत्यु | सर्लाहीको बलरामा चक्कु प्रहारको घटना, ३ जना घाइते | मोडेल कलेजले पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालयबाट पायो बीआइटी सञ्चालनका लागि सम्बन्धन | आणविक बमकेँ दंश झेलएबला एक मात्र देश ‘जापान’ | बंगलादेशको अन्तरिम सरकारद्वारा फेब्रुअरी २०२६मा राष्ट्रिय चुनाव गर्ने घोषणा | बिहिबार सुनको मूल्य स्थिर | सिन्धुलीमा युवकको मिर्गौला निकालिएको घटनामा एकजना पक्राउ | धनुषाको दुहवीमा सशस्त्र प्रहरी र तस्करबीच झडप, चार राउन्ड हवाई फायर | भारतीय विदेश सचिव भदौ १ मा काठमाडौं आउँदै | घानामा सैन्य हेलिकप्टर दुर्घटना हुँदा २ मन्त्रीसहित ८ जनाको मृत्यु |

मनमे लागलः गुरु उपर आरोप लगौलासँ छात्राकेँ कि भेटल ?





सुजीत कुमार झा ।
जलेश्वरस्थित लचमु विद्यालयक एकटा छात्रा अपने प्रधानाध्यापक उपर यौन दूव्र्यवहारक आरोप लगौने छल । ई घटनाक कारणेँ दू दिन जलेश्वर तनावग्रस्त रहल । एहने सन किछु आरोप जनकपुरधामक संकटमोचन माविमे किछु महिना पूर्व लगाओल गेल छल । अहुँ घटनामे छात्रा अपने गुरुजी उपर आरोप लगौलन्हि । बादमे पत्ता चलल दुनू घटनामे गुरुजी निर्दोष छथि ।
गुरु अपने शिष्यसभसँ उपेक्षित, पीडि़त आ निन्दित होबए पड़ल तिक्त घटना जतए–ततए देखल जाइत अछि । गुरुकेँ आलोचना करब, गुरुकेँ अपमान तथा तिरस्कार करएवलाकेँ कहिओ कल्याण होबए नहि सकैत अछि । विद्यालयमे शिक्षक पिटाएब वा विद्यालयमे शिक्षक अपमानित हएब जेहन बारम्बार दोहराएबला घटनासँ गुरुक गरिमामे क्षति पहुँच रहल अछि ।
शिक्षा क्षेत्रमे बढ़ैत गेल विकृति, विसङ्गति आ बदमासीसँ गुरुप्रति शिष्यक आँगुर ठाड़ भेल अछि । शिष्यमे अनुशासन आ अध्ययनशीलता आओर बेसी प्रश्नचिन्हक भुमरीमे जकड़ल अछि । आजुक शिक्षार्थी अनुशासित आ मिलनसार नहि, उच्छृङ्खल आ एकलकाटे बनैत गेल अछि । गुरुसंग किछु सिखी आ अपनाकेँ सुधारी से महान चिन्तनसँ विद्यार्थी दूर होइत जा रहल किछु घटनासभ संकेत कऽ रहल अछि ।
शिक्षकसंग, संग रहि कऽ ज्ञानसिप ग्रहण करएकेँ रुचि आजुक विद्यार्थीमे खसि रहल अछि । गुरु शिष्य सम्बन्ध प्रगाढ बना कऽ राखएकेँ शिक्षा प्रणालीक अभाव भेलाक कारणेँ शिक्षामे गुणस्तर खसि रहल अछि । विद्यार्थीक रुचि आ क्षमता पहिचान करैत सिखावएबला शिक्षक आ शिक्षककेँ मार्गदर्शकके रूपमे पाछाँ पारएबला विद्यार्थीमे संस्कारक अभाव खटकैत अछि । जाहि कारणेँ एहन घटनासभ देखएमे अबैत अछि । किछु स्थानपर एक दू गोटे गलत हेता मुदा ई उदाहरण आदर्श नहि भऽ सकैत अछि ।
२१अम शताब्दीक प्रतिस्पर्धात्मक समयमे आजुक विद्यार्थीकेँ केहनो कठिनाइसंग लडि़ सहज जीवनयापनक कला सिखावएबला गुरु हमरासभक साझा सम्पत्ति नहि छथि तँ ? जगत् आ जीवनक विषयमे बुझएकेँ अनन्य क्षमता होइत अछि गुरुमे । अन्धकार आ अज्ञानता नाश कऽ मानवकेँ इजोतक पथमे अग्रसर कराएब, कर्तव्यविमुख आ दिग्भ्रमित भेल जीवन रथकेँ सहज रूपसँ आगाँ हाकएवला सारथि छथि गुरु । गुरु सभ्य शालीन समाजक सर्जक आ प्रवर्तक सेहो छथि । व्यक्तिक भ्रम निवारण करएवला आ जिज्ञासा मिटावएवला अथाह शक्ति होइत अछि गुरुमे । गुरुक ज्ञान मनन् आ निर्देश पालनसँ सभ्य आ सुसंस्कृत समाजक उदय होइत अछि । व्यक्ति आ राष्ट्रकेँ सफल सम्पन्न बनावएकेँ अनन्य ताकत होइत अछि गुरुमे । आइ हमसभ जे जतए छी, ओ गौरवमय धरातलमे ठाड़ राखएवला उएह आदरणीय गुरुप्रति हमसभ आभारी छी । गुरुक आदर सम्मानमे किओ कतहुँसँ कन्जुसी नहि करी ।
एखन गुरु चेलाक आदर्श टुटिरहल आभास भऽ रहल अछि । गुरुक महत्वकेँ आओर ज्वलन्त बनावए आ आधुनिक शिक्षा व्यवस्थाकेँ व्यवस्थित आ मजगुत बनावए सरकारक सकारात्मक सोच, व्यवहार आ उत्कृष्ट रणनीतिक आवश्यक्ता अछि । आइ प्रविधि विकाससँ भूगोलक कोना–कोनाकेँ सहजे आनि देने अछि । इन्टरनेटक माध्यमसँ घरेमे बैसले–बैसले अनेक बात सिखएकेँ अवसर उपलब्ध अछि । हरेक बात बुझए, सिखए आ जानए गुरु चाही से भावनाक अभाव होइतो समाजमे गुरुकेँ अपन गौरवशाली स्थान किओ नहि लऽ सकैत अछि । ज्ञान सिपक भुखाएल हरेक शिष्यक लेल गुरुक गरिमा आ गुरुत्वक महिमा कहिओ नहि घटत ।