

के जनैत छल, जे राम मिथिलाक जमाए बनि जेताह । ओ तऽ अप्पन गुरु विश्वामित्रसंग मिथिलाक भ्रमणमे आएल छलथि । गुरुक आदेशानुसार धनुष महायज्ञ आ सीता स्वयम्बरमे पहुँच भगवान शिवके धनुष पिनाक तोडि़ सभक मोन मोहि लेताह सेहो के जनैत छल ? ई तऽ सौभाग्य अछि जे हमहुँ वएह मिथिलाक बेटी÷जमाए छी । जतए सीता बेटी आ राम जमाए बनलथि ओहि मिथिलासँ जुड़ल सभ किओके मान सम्मानक आभाष होइत अछि ।
विवाहपञ्चमीक विषयमे किनका नहि बुझल हेतन्हि आ विवाहपञ्चमी जनकपुरधाममे महाउत्सवेजकाँ मनाओल जाइत अछि से के नहि देखने हेताह । हम तऽ अपने निशब्द भऽ जाइत छी जखन जनकपुरधामक सात दिवसीय विवाहपञ्चमी उत्सवक भव्य तैयारी देखैत छी । ७ दिनधरि मनाओज जाएबला एहि महोत्सवक अखन ३ दिन मात्रे बितल, मुदा अतेक भीड आ स्नेह सीतारामक विवाहक स्मृतिप्रति देखि हमरा तऽ लगैत अछि जे हम तऽ त्रेते युगमे छी !
किए तऽ जहिना ओहि समयमे सीतारामक विवाह भेल रहन्हि ओहिना विवाहक स्मृति दोहराओल जाइत अछि । विवाहपञ्चमीक भव्य कार्यक्रमसभ देखि लगैत रहैत अछि जे हम प्रत्यक्ष सीतारामक विवाह देखि रहल छी । जेना कि ७ दिवसीय विवाहपञ्चमीमे बितल नगर दर्शन, फुलबारी लिला तथा धनुष महायज्ञ सम्पन्न भेल अछि । ई तीनु दिन श्रद्धालुसभक भीड़ देखि कऽ विवाह दिन केहन अवस्था रहत सोचि उत्साहक गुदगुदी लगैत अछि ।
ताहुमे एहिबेर अयोध्यासँ बरियाती आएल अछि, जे प्रत्येक ५ वर्षपर अबैत अछि । एहिबेर अयोध्यासँ ५ सयसँ बेसीके संख्यामे बरियाती जनकपुरधाम पहुँच चुकल अछि । हुनकर सभक स्वागत देखि कऽ तऽ हम चकित भऽ गेल छलहुँ कि किओ भगवानक स्मृतिक लेल आबएबला बरियातीके अतेक भव्य स्वागत कोना कऽ सकैत अछि ? मुदा फेर सोचलहुँ ई तऽ मिथिला अछि एतुका विशेषते अछि दुलार, मानसम्मान आ मिठ बोलमे गाढि़ ।
