

आखिर हमहु तऽ महिले छि, हमहु तऽ एहन परस्थितिमे पडि़ सकैत छी । आ हम मात्र नहि कोनो महिला पडि़ सकैत अछि । एकाएक मस्तिष्कमे डर पैस गेल जखन निर्मला बलात्कार तथा हत्या प्रकरणके फेर शुरुएसँ अनुसन्धान हएत से समाचार पढलौँ । अर्थात अखनधरि पुलिस तरबामे तेल लगा कऽ बैसल छल । निर्मलाक हत्याके ६ वर्ष बित चुकल अछि मुदा पुलिस अखनधरि हत्याक सुरागधरि पत्ता लगाबएमे असमर्थ देखल गेल अछि ।
नेपाल प्रहरीक अनुसन्धान प्रकृया एतेक कमजोर देखि कऽ हमरोसंग कखन कि हएत तेकर डर मनमे बैस गेल अछि । ई डर पैसएके कारण एकहिटा अछि यदि किछो हेबो करत तऽ अपराधीक मोनमे पुलिस कि बिगाइरे लेत से सोचके विकास हएब अछि ।
कञ्चनपुरक भीमदत्त नगरपालिका २के १३ वर्षक किशोरी निर्मला पन्तके बलात्कारक बाद हत्या भेलाक ६ वर्ष बित चुकल अछि । २०७५ साउन १० गते साथी रोशनी बमके घर गेलाक प्रात भने मृत अवस्थामे भेटल छलीह । घटनाक बाद दोषीके पत्ता लगा कऽ कडा कारबाहीके माग करैत हुनक परिवार मात्रे नहि भऽ जनस्तरसँ सेहो आन्दोलन भेल । मुदा परिणाम कि भेल ? पुलिस आशंकामे बहुतो गोटेके पक्राउ कएलक मुदा किछो प्राप्त नहि भेल । आब तऽ न्यायके आश लगौने निर्मलाक परिवार आ निर्मलाक आत्मा स्वयं छोडि देने हएत ।
एकटा कहवी अछि खोजलासँ भगवानो भेट जाइत अछि । मुदा नेपाल सरकार आ नेपाल प्रहरी १३ वर्षिया अवोध किशोरीके बलात्कारक बाद हत्या भेलाके ६ वर्षक बादो न्याय नहि दियाबए सकल आखिर किए ? निर्मला सन सन तऽ आओर कतेको एहन घटना हएत तकर कोनो ठेकान नहि ।
आखिर नेपाल सरकार किए नहि न्याय दियाबए सकल, जखन कि सरकारेके मातहतमे प्रहरी प्रशासन होइत अछि, सारा निकाय रहैत अछि । अर्थात निर्मला प्रकरणमे पुलिस मात्रे नहि नेपाल सरकार सेहो चुकल अछि ।
नेपालक संविधानके भाग ४के सामाजिक न्याय आ समावेशीकरण सम्बन्धि नितिमे जोखिममे पड़ल, सामाजिक आ पारिवारिक बहिष्करणमे पड़ल तथा हिंसा पीडित महिलाके पुनस्थापना संरक्षण सशक्तिकरण कऽ कऽ स्वाबलम्बी बनेबाक नीति रहल अछि । एहि नीतिके कतेक हदधरि पालन होइत अछि ? जखन संविधानेमे लिखल बात सरकार पूरा नहि करए सकि रहल अछि तऽ महिलासभ अपनाके सुरक्षित कोना बुझत ? कहु जखन अपने घरमे बेटी सुरक्षित नहि रहत तऽ कतए जाउक बेटी ? आखिर देशो तऽ घरे भेलैक ने आ हमसभ देशेके बेटी । जखने एहन एहन घटनासभ सुनैत छी तऽ मनोबल टुटि जाइत अछि । एक तऽ ओहिना महिलासभ पछुवाएल अछि, आब आबि कऽ जेहो आगा बढएके प्रयास कऽ रहल अछि, एहन स्थिति रहत तऽ पहिलके अवस्थामे फेर नहि जाएत से नहि कहल जा सकैत अछि ।
ओना निर्मला हत्या प्रकरणके अनुसन्धान फेरसँ शुरु कएल जाएत से समाचार पढलहुँ । कि ई अनुसन्धान तहधरि पहुँचत ? या ईहो किछु दिन बाद सुस्त पडि़ जाएत ई प्रश्न हम्मर मोनमे उबैज रहल अछि । केन्द्रिय अनुसन्धान ब्युरो (सीआइबी)के अनुसन्धान प्रमुख एवं एआइजी दीपक थापाक नेतृत्वमे टोली बना कऽ अनुसन्धान आगा बढाओल गेल अछि । सीआइबीके प्रवक्ता होबिन्द्र बोगटी नयाँ प्रकृयासँ अनुसन्धान आगा बढाओल गेल बतौलन्हि अछि । एहि बेरके अनुसन्धानसँ निश्कर्ष निकालिए कऽ रहब हुनकरसभक प्रतवद्धता छन्हि । एखन पछिल्का अनुसन्धानके अध्ययन कएल जा रहल अछि ।
ई विचार लिखए कालमे नेपालक अनुसन्धान प्रकृयापर दया लागएके संगे मोन वेदनासँ भरल छल । मुदा फेरसँ अनुसन्धान शुरु कएल गेल अछि । मैर गेल आश फेर जागल अछि । एहि बेरक अनुसन्धानसँ दोषी पत्ता मात्रे नहि कि दोषीके कडासँ कडा सजाय हएत से आश कऽ रहल छी ।
