Breaking 
सप्तरीमा करेन्ट लागेर एक किसानको मृत्यु | सर्लाहीको बलरामा चक्कु प्रहारको घटना, ३ जना घाइते | मोडेल कलेजले पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालयबाट पायो बीआइटी सञ्चालनका लागि सम्बन्धन | आणविक बमकेँ दंश झेलएबला एक मात्र देश ‘जापान’ | बंगलादेशको अन्तरिम सरकारद्वारा फेब्रुअरी २०२६मा राष्ट्रिय चुनाव गर्ने घोषणा | बिहिबार सुनको मूल्य स्थिर | सिन्धुलीमा युवकको मिर्गौला निकालिएको घटनामा एकजना पक्राउ | धनुषाको दुहवीमा सशस्त्र प्रहरी र तस्करबीच झडप, चार राउन्ड हवाई फायर | भारतीय विदेश सचिव भदौ १ मा काठमाडौं आउँदै | घानामा सैन्य हेलिकप्टर दुर्घटना हुँदा २ मन्त्रीसहित ८ जनाको मृत्यु |

जनकपुरधामक ‘छठि’मे हम जे देखलौँ





होइत होइत एहिबेरक छठि सेहो बित गेल । आस्थाक महापर्व छठिक ओरियाओन कोना बितल बुझहो नहि सकलहुँ, कहिआ नहाए खाएके दिनसँ पारनक दिन आबि गेल ।
सभठामक छठि आ घाटके विशेषता रहैत अछि । मुदा जहाँधरि हम अनुभव कएलौँ मिथिलाका प्राचिन राजधानी जनकपुरधामसनके छठि शायदे आनठाम होइत हएत । प्राचिन शहरके रुपमा जनकपुरधाम रहलासँ एहिठामक छठिक आकर्षण किछु विशेष रहैत अछि ।
जनकपुरधाम ऐतिहासिक पोखरिसँ भरल शहर अछि । जतए भव्यतापूर्वक छठि होइत अछि । जाहि पोखरिसभमे छठि होइत अछि ओहि पोखरिसभके नव दुलहीनजकाँ सजाओल गेल । जनकपुरधामक गंगासागर, धनुष सागर, अरगज्जा सर, दशरथ तलाउ, भूतही पोखरि, रत्नसागर सहितक पोखरिके अलगे आकर्षण होइत अछि ।
छठिक दिन पवनैतिनसँ लऽ कऽ श्रद्धालु भक्तजन तथा जनकपुरधाम एनिहार पर्यटकसभके एकहि प्रकारक भाव देखल गेल । नहि किओ उँच नहि किओ निच । छठिक विषयमे कि विशेष कहु मिथिलाञ्चलक बच्चा बच्चाके छठिक विशेषता बुझल अछि ।
प्रत्येक वर्ष जनकपुरधामक छठिमे किछ नहि किछ अलग रहैत अछि । घाटक सजावटसँ लऽ कऽ व्यवस्थापनधरिमे । आन समयके तुलनामा कतौ निक कतौ चुक सेहो देखल गेल । स्थानीय युवा तथा स्थानीय युवा क्लवक अगुवाईमे छठिक घाटसभ सजाओल गेल छल । ओना किछु ऐतिहासिक पोखरिसभमे छठिक रौनकता देखहीके नहि मिलल् । ई देखि किछु मोन खिन्न सेहो भेल । मुदा गंगाससागर, धनुषसागरसहितक पोखरिके सजावट प्रसन्नता सेहो भेल ।
बाटे घाटे किछु युवासभके ठाम ठामपर फटक्का फोरैत देखलौँ । इएह कारण कतेकोके कपडापर खसल हएत, वा देह पर खसल हएत तकर कोनो ठेकान नहि । ई बात कनी मोनके विचलित सेहो कऽ रहल छल । बम फटक्का फोडनाईके विपक्षमे हम नहि छी मुदा स्थान देख कऽ फोडबाक चाही किए तऽ घटना दुर्घटना कहि कऽ नहि अबैत अछि ।
एतुका युवा क्लवसभ घाट सजाबएमे पहुँचाबैत आएल योगदानक लेल प्रशंसा करही पड़त । ओ सभ जे सजावट आ व्यवस्थापन करएवास्ते शुल्क सेहो श्रद्धालुसभसँ उठबैत छथि । शुल्क लेनाई अनुचित नहि अछि । मुदा कोनो पवनैतिनके पैसा लऽ कऽ आउ नहि तऽ सामान नहि लऽ जाए देब कहि धम्काएब कोनो हिसाबसँ उचित नहि भऽ सकैत अछि । या तऽ अहाँसभ शुल्क पहिने लऽ लिअ नहि तऽ बिना शुल्क लेने घाटपर आबही नहि दियौ । ई किछु बात छल जे जनकपुरधामक छठिमे सुधारक आवश्यक्ता अछि हमरा विचारमे अन्यथा जनकपुरधामक छठिक जोड़ा सचमे कतहुँ नहि अछि ।