

नेपाली कांग्रेसक युवा नेता एवं मैथिली विकास कोषक अध्यक्ष जीवनाथ चौधरीक अन्तरवार्ताक तीनचारि दिनसँ लगातार चर्चा भऽ रहल अछि । सामाजिक सञ्जालमे सयौ सेयर भेल, चौकसभमे लगातार बहस चलि रहल अछि ।
एहन बहसक पाछाँक कारण जे बहस कऽ रहल छथि उएह कहि सकैत छथि मुदा एकटा अन्तरवार्ता करएबलाक हैसियतसँ हमरा जे बुझाएल ओ राखए चाहैत छी ।
अन्तरवार्ताक क्रममे तीनचरिटा बात उठल अछि । जेना मैथिली विकास कोषक जनकपुरधाममे बनल भवन आ ओहिसँ जुड़ल काज । दोसर घर परिवारसँ जुड़ल बात, तेसर संजय साह ‘टकला’ संग हुनक सम्बन्ध खराप होबएकेँ कारण आ पकरावएमे हिनक कि योगदान रहल आ अन्तिम नेपाली कांग्रेसक नेता विमलेन्द्र निधिसंगक सम्बन्ध ।

इएह अन्तिम बात भाइरल होबएकेँ कारण बनल । एकसंग रहैत काल कहिओ सम्बन्ध प्रागाढ होइत अछि आ कहिओ खराप ई तँ मानविय स्वभाव अछि । जकरा अस्वभाविक सेहो कहल नहि जा सकैत अछि । फेर जकरासंग सम्बन्ध बिगरि जाइत अछि ओकरासंग सम्बन्ध नहि बनत तेहनो बात नहि अछि ।
तखन कोन बात रहैक जे एतेक बतंगर भऽ गेलैक ! जे अन्तरवार्ता नहि सुनने छथि हुनको सुनबाक लेल उत्सुकता जगा देलक आ बेर–बेर बहस बनि रहल अछि ।
एक समय विमलेन्द्र निधिक जनकपुरधाममे सभसँ नजदिक किओ रहथि तँ ओ जीवनाथ छलथि । हुनका प्रति असन्तुष्टि किओ देखौलक ओकरा मिलाबएबला काज जीवनाथ करैत छलथि । जनकपुरधाम आबएसँ जाएधरि निधिक साया जकाँ रहएबला जीवनाथ आइ निधि पार्टी हित विपरीत काज कऽ रहल छथि आमसञ्चारमे कहए लागल छथि । ओ तँ इहो आरोप लगौलन्हि – पार्टीक आन्तरिक चुनाबमे हुनका वार्डमे हराबएकेँ योजना बुनएबला काज निधि कएलन्हि ।
निधिकेँ लाइन बिपरीत काज भेल । जँ ओ काज सहिओ अछि तँ ओ कार्यकर्ताकेँ निधि समाप्त कऽ दैत छथि एकबेर कांग्रेस नेता धीरेन्द्रमोहन झा बाजल रहथि । जीवनाथ सेहो करिब–करिब एहने बात कहने छथि । जे कहैत छथि निधि उएह मानए पड़त ई प्रजातान्त्रिक बात नहि भेलैक एकर ओ विरोध करैत छथि ।
जनकपुरधाम उपमहानगरपालिकाक बोर्ड सदस्यक चुनाबमे एमालेक उम्मेदवारकेँ जीताबएकेँ काज निधि कएलन्हि धरि जीवनाथजी आरोप लगौलन्हि । ई जीवनाथजीक आरोप भऽ सकैत अछि मुदा ई आरोप नकारल सेहो नहि जा सकैत अछि । भेल अवश्य किछु छैक नहि तँ आवश्यक संख्या भेलाक बाबजूद कांग्रेस किए हारितए ?
इएह बातसभ चर्चाक विषय बनल । एतेक नजदिक लोक कोना विरोधमे चलि गेलथि ? ई प्रश्न तँ बनैत छैक । मधेशमे कोनो पार्टीक नेता किए नहि हुए विमलेन्द्र निधि सभसँ मजगुत नेता छथि । ओ कोनो बात कहैत छथि लोक सुनैत अछि मुदा अपने क्षेत्रमे एहिप्रकारक असन्तुष्टिसँ कोना मिसन २०८४ मे पारघाट लगाओत ?
ओ २०८४ क आमनिर्वाचनमे पुनः चुनाब लड़बाक घोषणा कएने छथि । ई असन्तुष्टिकेँ समाप्त करबाक दिसामे हुनका लगबाक चाही । राजनीति करएवलाकेँ अहम नहि रखबाक चाही ।
हँ तखन अन्तरवार्तामे किछु आशावादी बात सेहो जीवनाथजी कहने छथि । पार्टीक आन्तरिक चुनाबमे निधि अपन आदत नहि सुधारता तँ हमरसभक विरोध जारी रहत । मुदा पार्टी जकरा टिकट देतैक तकरा जीताबए लेल जीजान लगा देब । आइ नेपाली कांग्रेस बाँचल अछि इएह प्रतिवद्धता कांग्रेसीसभमे अछि । संगठन कमजोर भेलाक बादो कांग्रेस आगाँ रहैत अछि । किछु कार्यकर्ता जीजान लगबितए अछि ।
