

जनकपुरधामक ।
जनकपुरधामक जानकी मन्दिरक आगाँँमे धाजा रहैत अछि । अपन दुःखकष्टसभ भक्तजनसभ धाजा रहल स्थलमे जा कहैत देखल जाइत अछि । ई धाजाक लेल जानकी मन्दिरक महन्थ रामतपेश्वर दास वैष्णव स्वयं विशेष पूजा कएलन्हि ।

विजय दशमीक अवसरपर जानकी मन्दिरमे विशेष पूजा कएल जाइत अछि । मन्दिरमे प्रत्येक वर्ष अहीदिन हनुमानक धाजा फेरल जाइत अछि । धाजामे हनुमानजीक वास भेलाक कारणेँ मन्दिरक पूजाक क्रममे धाजाक पूजा करबाक मिथिलामे चलन रहल अछि ।
जनकपुरधामक हरेक मन्दिरमे धाजा राखएकेँ चलन रहल अछि । जानकी मन्दिरक लेल धाजा फेरब एकटा उत्सव जेहन रहल जानकी मन्दिरक उत्तराधिकारी महन्थ रामरोशन दास वैष्णव बतौलन्हि ।
धाजा फेरएसँ पूर्व जानकी मन्दिरसँ शोभा यात्रा सेहो निकालल गेल छल । रामजानकीक मूर्ति राखि वर्षमे तीनबेर शोभा यात्रा करबाक एतए परम्परा रहल अछि ।
विवाहपञ्चमी, जानकी नवमी आ विजयादशीक दिन । शोभा यात्रामे रहल मूर्ति देखए स्थानीयवासीक भीड़ लागल छल । धाजा मन्दिर आ भक्तजन दुनूकेँ सुरक्षा दैत अछि धार्मिक जानकारसभ कहैत छथि । हनुमानक धाजामे बाँसक झण्डा बनाओल गेल अछि आ एकटा काठकेँ सिन्दुरसँ रंगएकेँ परम्परा अछि । धाजा लग आनो दिन भक्तजनसभक भीड़ लागल रहैत अछि ।

